Hindi Chuadai ki kahani

कहानी
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हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम कविता है। यह कहानी पड़ने से पहले लड़के अपना लंड पकड़ लें और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डाल लें। जिन लडकियों को गाजर, मूली, खीर या लंबे बैंगन से अपनी गरम और टपकती हुई चूत ठंडी करने का शौक है वो भी जिस चीज़ से चूत ठंडी करती है वो अपनी चूत में फिट कर लें।

दोस्तों में दिल्ली की रहने वाली कविता हूँ। में एक पढ़ी-लिखी इंजिनियर हूँ.. में गुडगाँव में एक प्राईवेट कम्पनी में सॉफ्टवेर इंजिनियर की नौकरी करती हूँ। मेरी उम्र 28 साल है.. रंग गोरा, बदन गदराया हुआ और मेरा साईज 38-28-38 है और में जब चलती हूँ तो लंबे बाल चूतड़ पर एक सांप की तरह लहराते है और ऐसा लगता है कि एक काला नाग मेरी गरम, सेक्सी गांड में घुसना चाहता है और मेरी झील की गहराई की तरह मदहोश कर देने वाली आंखे है.. लेकिन मेरा बदन बहुत हॉट और सेक्सी है। मेरे कॉलेज टाईम से ही मजनू टाईप के छोकरों ने मेरा नाम " चुदक्कड़ माल " रखा हुआ था। मेरा घर आगरा में है जहाँ पर मेरे पापा अपना खुद का व्यापार करते है और मेरा एक बड़ा भाई है.. जिसका नाम * * * है और वो भी दिल्ली में पिछले 7 सालों से रह है और करीब 5 साल पहले में भी अपनी पढ़ाई करने के लिए दिल्ली आ गयी और भैया के साथ दिल्ली में रहने लगी।

में बहुत कामुक स्वभाव की हूँ और मेरी पहली चुदाई मेरे एक बहुत नज़दीकी रिश्तेदार ने आज़ से 4 साल पहली की थी और में पिछले 4 सालों में सैकड़ो बार अलग अलग तरह से कई प्रकार के लंड से चुद चुकी हूँ। में उसमें चूत चुदाई, दोस्त के साथ चुदाई, दोस्त के दोस्त से चुदाई आदि। मैंने अभी तक जो भी लंड लिए उनका साईज़ 6 से 9 इंच और 2 से 3 इंच मोटा था। लंड अपनी चूत और गांड के होल में कम से कम 50-60 बार लिए हुए है। मैंने काले लंड, एकदम गोरे चिट्टे लंड, सीधे लंड और केले जैसे लंड से चुदाई करवाई है।

दोस्तों यह बात अप्रेल 2014 की है.. में अपने माता, पिता को मिलने आगरा गयी हुई थी। हमारा घर बहुत पुराना दो मंजिला बना हुआ है और मेरे माता, पिता का रूम नीचे वाली मंजिल पर है और मेरा रूम ऊपर पहली मंजिल पर है और घर में पुरानी डिज़ाईन की एक रोशनदान बनी हुई है यही कोई 8 फीट की ऊंचाई पर। में किस्मत से अपने माँ, पापा की चुदाई आज़ से लगभग 3 साल पहले ही देख चुकी थी।

पापा, मम्मी को क्या चोद रहे थे जैसे कि एक घोड़ा, घोड़ी को चोद रहा हो। पापा का लम्बा चौड़ा लंड मम्मी की चूत के अंदर बहार हो रहा था , तब मैंने नई नई चुदाई देखी थी और इसलिए में शर्म की वजह से ज्यादा देर तक उनकी चुदाई नहीं देख पा रही थी। आज फिर मेरे मन में उनकी चुदाई देखने की लालसा थी.. तो मैंने रात के 10.00 बजे खाना खाकर मम्मी और पापा को गुड नाईट बोला और ऊपर अपने रूम में चली गयी और फिर थोड़ी ही देर में नीचे वाली मंजिल की सभी लाइट बंद हो गई तो मुझे लगा कि अब मम्मी, पापा का चुदाई का कार्यक्रम शुरू होने वाला है और में बेड पर लेटे हुए सोच रही थी कि में आज़ फिर उनकी चुदाई देखूँगी।

में उठकर नीचे वाली मंजिल की खुली छत पर टहलने लग गयी और थोड़ी ही देर में मुझे उनके रूम में से कुछ धीमी धीमी आवाजे सुनाई देने लगी। तो में दबे पैर छत से नीचे आ गयी और नीचे वाली मंजिल के रोशनदन जो कि मेरे कमरे के बिल्कुल पास है.. उसी में से अंदर देखने लगी। मैंने देखा कि मम्मी पूरी नंगी होकर नीचे थी और पापा उनके ऊपर चढ़कर लंड को चूत में धक्का लगा रहे थे और उनका गधे के समान 10 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा काला लंड मम्मी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था।

फिर पापा पूरे जोश से एक नौजवान से भी बड़कर बहुत तेज़ी से लंड को उनकी चूत में एक पिस्टन की तरह अंदर बाहर कर रहे थे।
दोस्तों में पिछले चार सालों में लगभग 60 बार चुद चुकी हूँ.. लेकिन मैंने ऐसी दमदार चुदाई कभी नहीं देखी थी। फिर मेरी उंगलियां ना जाने कब मेरे गाऊन के अंदर मेरी चूत तक पहुँच गयी थी और दो उंगलियां तो अब चूत के अंदर बाहर हो रही थी। उधर मम्मी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी कि संजय तुम्हे कितनी बार कहा है कि थोड़ा आराम से चुदाई किया करो.. लेकिन तुम उल्टा ज्यादा तेज़ी से चुदाई शुरू कर देते हो और मुझे बिल्कुल एक गधी की तरह चोद देते हो।

तो यह सुनते ही पापा का जोश और दुगुना हो गया और बोले कि ले गधी ले अब इस गधे का 10 इंच लम्बा लंड सम्भाल और दुगुनी तेजी से लंड अब चूत के अंदर बाहर करने लगे। मुझे लगता था कि जैसे मम्मी को चुदाई में कोई रूचि ही नहीं थी.. वो तो बुझे मन से कभी आह्ह्ह, कभी ऊहह, कभी मार डाला रे बोल रही थी।

फिर इधर मेरी चूत में अब तीन उंगलियां अंदर बाहर हो रही थी और में सोच रही थी कि काश में मम्मी की जगह चुद रही होती तो कितने मजे से चुदवाती और शायद मम्मी पिछली 28 साल से पापा से चुदकर अब पूरी तरह से ऊब चुकी थी और सिर्फ़ पति घर्म निभाने के लिए चुदवा रही थी।

फिर उधर पापा ने अपनी स्पीड और तेज कर दी और मुझे खिड़की से पापा का लंड और जांघो से मम्मी की चूत के टकराने की आवाज़े ठप, ठप्प, छप बिल्कुल अच्छी तरह सुनाई दे रही थी और हर आवाज़ मुझे पागल सी किए जा रही थी और अब मेरी चारों उंगलियां मेरी चूत में अंदर बाहर हो रही थी और मेरे मुहं से भी अहह ओफ्फ्फ की आवाजे बहुत धीमी आवाज़ में आ रही थी।

फिर मुझे लग रहा था कि अब मेरी चूत का लावा निकलने वाला है और में अपने मुहं से निकलती हुई आवाजों को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी.. इसलिए में खिड़की को छोड़कर दबे पैर छत पर आ गयी और अपनी चूत में पूरा हाथ डाल दिया और बहुत तेज़ी से अंदर बाहर करते हुए बहुत ज़ोर से सिसकियाँ कर रही थी।

फिर लगभग 5-7 मिनट के बाद मेरे हाथ रुक गए और में चीख मारकर झड़ गयी और मेरी चूत से शायद आधा ग्लास जूस निकला होगा। यह मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा झड़ना था और में अपने पूरे हाथ को चूत में डालती फिर बाहर निकलती और पूरे हाथ को अपने मुहं में डाल रही थी।

इस तरह मैंने वो आधा ग्लास के लगभग चूत का रस चाट लिया और में अब अपने को बहुत हल्का महसूस कर रही थी.. लेकिन नीचे से आती चुदाई की आवाज़ो ने फिर से मुझे खिड़की के रोशनदान के पास लाकर खड़ा किया और मेरे मन में कोई भी डर या संकोच नहीं था कि में अपने माता, पिता की चुदाई का आनंद ले रही हूँ।

तब मुझे पापा की आवाज़ सुनाई दी.. नेहा रानी अब कुतिया बन ज़ाओ.. में तुम्हे अब पीछे से अपना लोहे जैसा लंबा लंड चूत में डालकर चोदूंगा। तो नेहा रानी का जवाब तो बिल्कुल निराशाजनक जनक था.. में दो बार झड़ चुकी हूँ अब ज़ल्दी से कुतिया बनाकर चोदो और पीछा छोड़ो मेरी इस चूत का।

मम्मी किसी रोबोट की तरह बेड से उठी और बेड के साईड अपने दोनों हाथों से पकड़ कर घोड़ी बन गयी। मुझे उनकी चूत से निकलता हुआ रस उनकी जांघो पर बहता हुआ साफ साफ दिखाई दे रहा था। तो पापा का लंड मम्मी की चूत के जूस से बिल्कुल भीगा हुआ था और एक काला मूसल लग रहा था.. पापा ने अपने दोनों हाथों से मम्मी की जांघो का रस समेट लिया और फटाफट उस रस को अपने मुहं के हवाले किया और चटकारे लेकर चाट गए।

फिर बोले कि ले कुतिया की औलाद मेरे इस खम्बे जैसे लंड को संभाल और अपना लंड फच्च की आवाज़ के साथ मम्मी की चूत में घुसेड़ दिया। तो मम्मी ने ज़ोर की सिसकियों के साथ उस डंडे जैसे काले लंड को अपनी चूत के होल में ले लिया। तो अब पापा फिर से गधे जैसे लंड को बहुत तेज़ी से अंदर बाहर करने लगे और साथ ही साथ थोड़ी देर बाद मम्मी की 44 इंच मोटे चूतड़ पर ज़ोर का थप्पड़ मारते और बोलते मेरी नेहा रानी का अब क्या हाल है ?

मम्मी कोई भी जवाब नहीं दे रही थी.. लेकिन वो किसी पत्थर की मूरत की तरह चुपचाप चुद रही थी। तो में मम्मी के इस तरह के व्यहवार को नहीं समझ पा रही थी और मुझे तो बाद में पता चला कि मम्मी की अब सेक्स और चुदाई में कोई रुची नहीं है.. वो तो अब धार्मिक जीवन जीना चाहती है और पापा को यह सब बातों से बहुत चिढ़ थी और वो अपनी जिंदगी को इसी तरह सेक्स करके आगे बड़ाना चाहते थे।

दोस्तों मेरी चूत फिर से गीली होने लगी और मेरा दिल कर रहा था कि मम्मी की जगह में जाकर कुतिया बन ज़ाऊ और पापा के लंड से जबरदस्त चुदाई करवाऊँ.. लेकिन मेरे मन में पता नहीं कहाँ से ख्याल आया और में तुरंत खिड़की के गोले में लगी हुए काली रेलिंग पर बैठ गयी और उस रेलिंग को पापा का लंड समझकर उस पर अपनी चूत और गांड रगड़ने लग गयी। मेरी चूत के रस ने उस रेलिंग को जैसे नया पेंट कर दिया हो उस तरह चमका दिया। उधर पापा लगातार मम्मी को चूत में ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहे थे और उनका लंड ठप्प ठप की आवाज़े निकालता हुआ मम्मी की चूत में अंदर बाहर हो रहा था। फिर बीच बीच में पापा बड़ी बेरहमी से मम्मी की 40 साईज़ के दोनों खरबूजों को भी दबा देते थे और मम्मी सिर्फ़ गुस्से से पापा को देखकर रह ज़ाती थी।

हर आवाज़ के साथ साथ में और ज्यादा गरम हो रही थी और में अपनी चूत के रस से रेलिंग के पाईप को गीला करती हुई नीचे भी गिरा रही थी और में बहुत हैरान थी कि पापा के अंदर वो कौन सी ताक़त है जो अब तक लगभग 35 मिनट की घमासान चुदाई के बावजूद नहीं झडे थे।

दोस्तों मैंने इतना ताकतवर लंड इस उम्र में किसी का भी नहीं देखा था और मुझे बाद में पता लगा कि पापा योगा करके अपनी सेक्स पावर को ठीक रखते है। मेरी माँ अपनी मर्जी के बगेर नीचे पड़ी पड़ी पापा के लोहे जैसे लंड से चुद रही थी और ऊपर बेटी लोहे के काले पाईप को लंड बनाकर चुद रही थी। फिर में अपनी चूत और गांड को बहुत तेज़ी से पाईप के लंड पर ज़ोर ज़ोर से रगड़ रही थी और मेरे मुहं से अब सिसकियों की आवाज़े आने लगी थी.. इसलिए मैंने तुरंत अपने गाऊन को उतारा और अपने मुहं पर बांध लिया ताकी मेरी चीख मम्मी या पापा ना सुन सके

फिर अगले 4-5 मिनट में एक ज़ोर की चीख मारकर पाईप के ऊपर ही झड़ गयी और फिर मेरी चूत कोई 3-4 मिनट तक फव्वारे की तरह पानी छोड़ती रही.. इतना पानी कि सारा पाईप तो गीला हो गया और कुछ पानी पाईप से नीचे भी टपक गया था। में उस पानी को फटाफट चाट गयी और इस बीच में शायद अपनी चूत को झाड़ने में इतनी मग्न थी कि मुझे पता ही नहीं लगा कि कब पापा, मम्मी ने चुदाई का पोज़ बदल लिया और अब पापा बेड पर सीधे लेटे हुए थे और मम्मी, पापा के ऊपर चड़ी हुई थी और उनकी चूत को पापा उछल उछलकर फाड़ने की कोशिश कर रहे थे। मम्मी बस एक रोबोट की तरह उनके ऊपर चड़ी हुई थी और बस सिसकियाँ ले रही थी और पापा का लंड उनकी चूत में सटासट अंदर बाहर हो रहा था।

में पिछले 30 मिनट में दो बार झड़ चुकी थी और मेरे पैरों में भी अब ज्यादा देर खड़े रहने की ताकत नहीं थी। में उस पाईप पर नंगी बैठ गयी और उस जबरदस्त चुदाई को देखती रही। तभी मम्मी बोली कि अब निकालो भी अपने लंड से रबड़ी.. में तो अब तीसरी बार झड़ रही हूँ तभी मम्मी के शरीर में जैसे किसी ने बिजली का करंट लगा दिया हो.. उनके शरीर में अकड़ सी हुई और वो चीख मारकर झड़ गई।

में सोच रही थी कि मुझे भी ऐसा लंड मिल जाये तो में अपने आप को बहुत खुशकिस्मत समझूंगी। फिर शायद पापा को अब मम्मी पर तरस आ गया था और वो बोले कि नेहा रानी तुझे तीन पोज़ में चोदने के बावजूद मेरा मन नहीं भरा.. लेकिन में अब झड़ता हूँ और फिर पापा ने मम्मी को अलग किया और तुरंत उनके काले मोटे लंड से बहुत तेज़ी से सफेद रबड़ी निकलकर मम्मी के मुहं, बूब्स और पेट पर गिर रही थी।

फिर में बहुत हैरानी से देख रही थी कि पापा का लंड बहुत तेज़ी से सफेद वीर्य की धार छोड़ रहा था। तो मम्मी पास पड़े हुए गाऊन को उठाने के लिए बड़ रही थी कि तभी मम्मी ने अपने दोनों हाथों से उस रबड़ी को लेते हुए अपने मुहं के हवाले कर दिया। मैंने ऐसा नजारा ना आज तक देखा था और ना ही कभी आगे देखने की उम्मीद थी। फिर नीचे अब उनकी चुदाई खत्म हो चुकी थी। मम्मी अपने शरीर को साफ करने के लिए टॉयलेट चली गई थी और पापा नंगे बेड पर लेटे हुए आराम कर रहे थे और मैंने भी अब वहाँ से खिसकने में ही भलाई समझी और दबे पैर अपने रूम में आ गयी और में बहुत थक गई थी इसलिए ज़ल्दी ही नंगी ही सो गयी।

~~~ समाप्त ~~~

दोस्तो, कैसे लगी ये कहानी आपको,

कहानी पड़ने के बाद अपना विचार ज़रुरू दीजिएगा ...

आपके जवाब के इंतेज़ार में ...

आपका अपना

रविराम69 (c) "लॅंडधारी" (मस्तराम - मुसाफिर)

Kahani
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hello Doston.. Mera Naam Kavita Hai । Yah Kahani Padne Se Pehle Ladke Apna Lund Pakad Lein Aur Ladkiyan Apni Choot Me ungli Dal Lein । Jin Ladkiyon Ko Gajar , मूली , खीर Ya Lambe Baingan Se Apni Garam Aur Tapakti Hui Choot Thandi Karne Ka Shauk Hai Wo Bhi Jis Cheez Se Choot Thandi Karti Hai Wo Apni Choot Me Fit Kar Lein ।

Doston Me Delhi Ki Rehne Wali Kavita Hoon । Me Ek पढ़ी - Likhi Engineer Hoon.. Me Gudganv Me Ek Private Company Me सॉफ्टवेर Engineer Ki Naukri Karti Hoon । Meri Umra 28 Sal Hai.. Rang Gora , Badan गदराया Hua Aur Mera साईज 38 - 28 - 38 Hai Aur Me Jab Chalti Hoon To Lambe Bal Chootad Par Ek Sanp Ki Tarah लहराते Hai Aur Aisa Lagta Hai Ki Ek Kala Nag Meri Garam , Sexy Gand Me घुसना Chahta Hai Aur Meri Jheel Ki Gaharai Ki Tarah Madhosh Kar Dene Wali आंखे Hai.. Lekin Mera Badan Bahut हॉट Aur Sexy Hai । Mere College Time Se Hee मजनू टाईप Ke छोकरों ne Mera Naam " Chudakkad Mal " Rakha Hua Tha । Mera Ghar Agra Me Hai Jahan Par Mere Papa Apna Khud Ka Vyapar Karte Hai Aur Mera Ek Bada Bhai Hai.. Jiska Naam * * * Hai Aur Wo Bhi Delhi Me Pichhle 7 Salon Se Rah Hai Aur Karib 5 Sal Pehle Me Bhi Apni Padhai Karne Ke Liye Delhi Aa Gayi Aur Bhaiya Ke Sath Delhi Me Rehne Lagi ।

Me Bahut Kaamuk Swabhav Ki Hoon Aur Meri Pehli Chudai Mere Ek Bahut नज़दीकी रिश्तेदार ne आज़ Se 4 Sal Pehli Ki Thi Aur Me Pichhle 4 Salon Me सैकड़ो Baar Alag Alag Tarah Se Kai Prakar Ke Lund Se Chud Chuki Hoon । Me Usme Choot Chudai , Dost Ke Sath Chudai , Dost Ke Dost Se Chudai Aadi । Maine Abhi Tak Jo Bhi Lund Liye Unka साईज़ 6 Se 9 Inch Aur 2 Se 3 Inch Mota Tha । Lund Apni Choot Aur Gand Ke Hole Me Kam Se Kam 50 - 60 Baar Liye Hue Hai । Maine Kaale Lund , Ekdum gore चिट्टे Lund , Sidhe Lund Aur Kele Jaise Lund Se Chudai Karwai Hai ।

Doston Yah Baat April 2014 Ki Hai.. Me Apne Mata , Pita Ko Milne Agra Gayi Hui Thi । HaMara Ghar Bahut Purana Do Manzila Banaa Hua Hai Aur Mere Mata , Pita Ka Room Niche Wali Manjil Par Hai Aur Mera Room Upar Pehli Manjil Par Hai Aur Ghar Me Purani डिज़ाईन Ki Ek रोशनदान Bani Hui Hai Yahi Koi 8 Feet Ki Unchai Par । Me Kismat Se Apne Maa , Papa Ki Chudai आज़ Se Lagbhag 3 Sal Pehle Hee Dekh Chuki Thi ।

Papa , Mummy Ko Kya Chod Rahe The Jaise Ki Ek Ghoda , Ghodi Ko Chod Raha Ho । Papa Ka Lamba Chauda Lund Mummy Ki Choot Ke Andar Bahaar Ho Raha Tha , Tab Maine Naee Naee Chudai Dekhi Thi Aur Isliye Me Sharm Ki Wajah Se Jyada Der Tak Unki Chudai Nahi Dekh Paa Rahi Thi । Aaj Fir Mere Man Me Unki Chudai Dekhne Ki लालसा Thi.. To Maine Raat Ke 10.00 Baje Khana Khakar Mummy Aur Papa Ko Good Night Bola Aur Upar Apne Room Me Chali Gayi Aur Fir Thodi Hee Der Me Niche Wali Manjil Ki Sabhi Light Band Ho Gayi To Mujhe Laga Ki Ab Mummy , Papa Ka Chudai Ka Karyakram Shuru Hone Wala Hai Aur Me bed Par Lete Hue Soch Rahi Thi Ki Me आज़ Fir Unki Chudai देखूँगी ।

Me uthkar Niche Wali Manjil Ki Khuli Chhat Par tahalne Lag Gayi Aur Thodi Hee Der Me Mujhe Unke Room Me Se Kuch Dhimi Dhimi आवाजे Sunayi Dene Lagi । To Me Dabe Pair Chhat Se Niche Aa Gayi Aur Niche Wali Manjil Ke रोशनदन Jo Ki Mere Kamre Ke Bilkul Paas Hai.. Usi Me Se Andar Dekhne Lagi । Maine Dekha Ki Mummy Puri Nangi Hokar Niche Thi Aur Papa Unke Upar चढ़कर Lund Ko Choot Me Dhakka Laga Rahe The Aur Unka Gadhe Ke Saman 10 Inch lamba Aur 3.5 Inch Mota Kala Lund Mummy Ki Choot Ke Andar Bahar Ho Raha Tha ।

Fir Papa Pure Josh Se Ek Naujawan Se Bhi बड़कर Bahut तेज़ी Se Lund Ko Unki Choot Me Ek पिस्टन Ki Tarah Andar Bahar Kar Rahe The ।
Doston Me Pichhle Char Salon Me Lagbhag 60 Baar Chud Chuki Hoon.. Lekin Maine Aisi दमदार Chudai Kabhi Nahi Dekhi Thi । Fir Meri ungliyaan Na Jane Kab Mere गाऊन Ke Andar Meri Choot Tak Pahunch Gayi Thi Aur Do ungliyaan To Ab Choot Ke Andar Bahar Ho Rahi Thi । Udhar Mummy Jor Jor Se Chilla Rahi Thi Ki SanJay Tumhe Kitni Baar Kahaa Hai Ki Thoda Aaram Se Chudai Kiya Karo.. Lekin Tum Ulta Jyada तेज़ी Se Chudai Shuru Kar Dete Ho Aur Mujhe Bilkul Ek गधी Ki Tarah Chod Dete Ho ।

To Yah Sunte Hee Papa Ka Josh Aur Duguna Ho Gaya Aur Bole Ki Le गधी Le Ab Is Gadhe Ka 10 Inch Lamba Lund सम्भाल Aur Doguni Teji Se Lund Ab Choot Ke Andar Bahar Karne Lage । Mujhe Lagta Tha Ki Jaise Mummy Ko Chudai Me Koi Ruchi Hee Nahi Thi.. Wo To Bujhe Man Se Kabhi Aahhhhh , Kabhi ऊहह , Kabhi Mar Dala Re Bol Rahi Thi ।

Fir Idhar Meri Choot Me Ab Teen ungliyaan Andar Bahar Ho Rahi Thi Aur Me Soch Rahi Thi Ki Kash Me Mummy Ki Jagah Chud Rahi Hoti To Kitne Maje Se Chudwati Aur Shayad Mummy Pichhli 28 Sal Se Papa Se चुदकर Ab Puri Tarah Se Oob Chuki Thi Aur Sirf Pati घर्म Nibhane Ke Liye Chudwa Rahi Thi ।

Fir Udhar Papa ne Apni Speed Aur Tej Kar Dee Aur Mujhe खिड़की Se Papa Ka Lund Aur जांघो Se Mummy Ki Choot Ke Takrane Ki आवाज़े ठप , ठप्प , छप Bilkul Achhi Tarah Sunayi De Rahi Thi Aur Har आवाज़ Mujhe Pagal Si Kiye Jaa Rahi Thi Aur Ab Meri Charo ungliyaan Meri Choot Me Andar Bahar Ho Rahi Thi Aur Mere मुहं Se Bhi अहह ओफ्फ्फ Ki आवाजे Bahut Dhimi आवाज़ Me Aa Rahi Thi ।

Fir Mujhe Lag Raha Tha Ki Ab Meri Choot Ka Lawa Nikalne Wala Hai Aur Me Apne मुहं Se Nikalti Hui Aawajon Ko Control Nahi Kar Paa Rahi Thi.. Isliye Me खिड़की Ko Chhodkar Dabe Pair Chhat Par Aa Gayi Aur Apni Choot Me Pura Hath Dal Diya Aur Bahut तेज़ी Se Andar Bahar Karte Hue Bahut Zor Se सिसकियाँ Kar Rahi Thi ।

Fir Lagbhag 5 - 7 Minute Ke Baad Mere Hath Ruk Gaye Aur Me Cheekh Markar Jhad Gayi Aur Meri Choot Se Shayad Adha Glass जूस Nikla Hoga । Yah Meri ज़िंदगी Ka Sabse Bada झड़ना Tha Aur Me Apne Pure Hath Ko Choot Me Dalti Fir Bahar Nikalti Aur Pure Hath Ko Apne मुहं Me Dal Rahi Thi ।

Is Tarah Maine Wo Adha Glass Ke Lagbhag Choot Ka Ras Chaat Liya Aur Me Ab Apne Ko Bahut Halka Mehsoos Kar Rahi Thi.. Lekin Niche Se Aati Chudai Ki आवाज़ो ne Fir Se Mujhe खिड़की Ke रोशनदान Ke Paas Lakar Khada Kiya Aur Mere Man Me Koi Bhi Dar Ya संकोच Nahi Tha Ki Me Apne Mata , Pita Ki Chudai Ka Anand Le Rahi Hoon ।

Tab Mujhe Papa Ki आवाज़ Sunayi Dee.. नेहा Rani Ab कुतिया Ban ज़ाओ.. Me Tumhe Ab Pichhe Se Apna Lohe Jaisa lamba Lund Choot Me Daalkar चोदूंगा । To नेहा Rani Ka Jawab To Bilkul Nirashajanak Janak Tha.. Me Do Baar Jhad Chuki Hoon Ab ज़ल्दी Se कुतिया Banakar Chodo Aur Pichha Chhodo Meri Is Choot Ka ।

Mummy Kisi रोबोट Ki Tarah bed Se Uthi Aur bed Ke साईड Apne Dono Hathon Se Pakad Kar Ghodi Ban Gayi । Mujhe Unki Choot Se Nikalta Hua Ras Unki जांघो Par Bahta Hua Saaf Saaf Dikhayi De Raha Tha । To Papa Ka Lund Mummy Ki Choot Ke जूस Se Bilkul भीगा Hua Tha Aur Ek Kala मूसल Lag Raha Tha.. Papa ne Apne Dono Hathon Se Mummy Ki जांघो Ka Ras समेट Liya Aur फटाफट Us Ras Ko Apne मुहं Ke Hawaale Kiya Aur चटकारे Lekar Chaat Gaye ।

Fir Bole Ki Le कुतिया Ki Aulaad Mere Is खम्बे Jaise Lund Ko Sambhal Aur Apna Lund फच्च Ki आवाज़ Ke Sath Mummy Ki Choot Me घुसेड़ Diya । To Mummy ne Zor Ki सिसकियों Ke Sath Us Dande Jaise Kaale Lund Ko Apni Choot Ke Hole Me Le Liya । To Ab Papa Fir Se Gadhe Jaise Lund Ko Bahut तेज़ी Se Andar Bahar Karne Lage Aur Sath Hee Sath Thodi Der Baad Mummy Ki 44 Inch Mote चूतड़ Par Zor Ka थप्पड़ maarte Aur Bolte Meri नेहा Rani Ka Ab Kya Haal Hai ?

Mummy Koi Bhi Jawab Nahi De Rahi Thi.. Lekin Wo Kisi Patthar Ki मूरत Ki Tarah चुपचाप Chud Rahi Thi । To Me Mummy Ke Is Tarah Ke व्यहवार Ko Nahi Samajh Paa Rahi Thi Aur Mujhe To Baad Me Pata Chala Ki Mummy Ki Ab Sex Aur Chudai Me Koi रुची Nahi Hai.. Wo To Ab Dharmik Jeevan Jeena Chahti Hai Aur Papa Ko Yah Sab Baaton Se Bahut चिढ़ Thi Aur Wo Apni Jindagi Ko Isi Tarah Sex Karke Aage बड़ाना Chahte The ।

Doston Meri Choot Fir Se Geeli Hone Lagi Aur Mera Dil Kar Raha Tha Ki Mummy Ki Jagah Me Jakar कुतिया Ban ज़ाऊ Aur Papa Ke Lund Se Jabardast Chudai करवाऊँ.. Lekin Mere Man Me Pata Nahi Kahan Se Khyal Aaya Aur Me Turant खिड़की Ke Gole Me Lagi Hue Kali railing Par Baith Gayi Aur Us railing Ko Papa Ka Lund samajhkar Us Par Apni Choot Aur Gand Ragadne Lag Gayi । Meri Choot Ke Ras ne Us railing Ko Jaise Naya Paint Kar Diya Ho Us Tarah चमका Diya । Udhar Papa Lagataar Mummy Ko Choot Me Jor Jor Se Dhakke Mar Rahe The Aur Unka Lund ठप्प ठप Ki आवाज़े Nikalta Hua Mummy Ki Choot Me Andar Bahar Ho Raha Tha । Fir Beech Beech Me Papa Badi बेरहमी Se Mummy Ki 40 साईज़ Ke Dono खरबूजों Ko Bhi Daba Dete The Aur Mummy Sirf Gusse Se Papa Ko Dekhkar Rah ज़ाती Thi ।

Har आवाज़ Ke Sath Sath Me Aur Jyada Garam Ho Rahi Thi Aur Me Apni Choot Ke Ras Se railing Ke Pipe Ko Geela Karti Hui Niche Bhi Gira Rahi Thi Aur Me Bahut Hairaan Thi Ki Papa Ke Andar Wo Kaun Si ताक़त Hai Jo Ab Tak Lagbhag 35 Minute Ki घमासान Chudai Ke Bavjood Nahi झडे The ।

Doston Maine Itna Takatwar Lund Is Umra Me Kisi Ka Bhi Nahi Dekha Tha Aur Mujhe Baad Me Pata Laga Ki Papa Yoga Karke Apni Sex Power Ko Theek Rakhte Hai । Meri Maa Apni Marji Ke बगेर Niche Padi Padi Papa Ke Lohe Jaise Lund Se Chud Rahi Thi Aur Upar Beti Lohe Ke Kaale Pipe Ko Lund Banakar Chud Rahi Thi । Fir Me Apni Choot Aur Gand Ko Bahut तेज़ी Se Pipe Ke Lund Par Jor Jor Se Ragad Rahi Thi Aur Mere मुहं Se Ab सिसकियों Ki आवाज़े Ane Lagi Thi.. Isliye Maine Turant Apne गाऊन Ko Utara Aur Apne मुहं Par Bandh Liya ताकी Meri Cheekh Mummy Ya Papa Na Sun Sake

Fir Agle 4 - 5 Minute Me Ek Zor Ki Cheekh Markar Pipe Ke Upar Hee Jhad Gayi Aur Fir Meri Choot Koi 3 - 4 Minute Tak Fawware Ki Tarah Pani छोड़ती Rahi.. Itna Pani Ki Sara Pipe To Geela Ho Gaya Aur Kuch Pani Pipe Se Niche Bhi Tapak Gaya Tha । Me Us Pani Ko फटाफट Chaat Gayi Aur Is Beech Me Shayad Apni Choot Ko झाड़ने Me Itni Magn Thi Ki Mujhe Pata Hee Nahi Laga Ki Kab Papa , Mummy ne Chudai Ka पोज़ Badal Liya Aur Ab Papa bed Par Sidhe Lete Hue The Aur Mummy , Papa Ke Upar चड़ी Hui Thi Aur Unki Choot Ko Papa उछल उछलकर फाड़ने Ki Koshish Kar Rahe The । Mummy Bus Ek रोबोट Ki Tarah Unke Upar चड़ी Hui Thi Aur Bus सिसकियाँ Le Rahi Thi Aur Papa Ka Lund Unki Choot Me सटासट Andar Bahar Ho Raha Tha ।

Me Pichhle 30 Minute Me Do Baar Jhad Chuki Thi Aur Mere Pairon Me Bhi Ab Jyada Der Khade Rehne Ki Takat Nahi Thi । Me Us Pipe Par Nangi Baith Gayi Aur Us Jabardast Chudai Ko Dekhti Rahi । Tabhi Mummy Boli Ki Ab Nikalo Bhi Apne Lund Se रबड़ी.. Me To Ab Teesari Baar Jhad Rahi Hoon Tabhi Mummy Ke Sharir Me Jaise Kisi ne Bijli Ka current Laga Diya Ho.. Unke Sharir Me अकड़ Si Hui Aur Wo Cheekh Markar Jhad Gayi ।

Me Soch Rahi Thi Ki Mujhe Bhi Aisa Lund Mil Jaye To Me Apne Aap Ko Bahut खुशकिस्मत समझूंगी । Fir Shayad Papa Ko Ab Mummy Par तरस Aa Gaya Tha Aur Wo Bole Ki नेहा Rani Tujhe Teen पोज़ Me Chodne Ke Bavjood Mera Man Nahi Bhara.. Lekin Me Ab झड़ता Hoon Aur Fir Papa ne Mummy Ko Alag Kiya Aur Turant Unke Kaale Mote Lund Se Bahut Teji Se Safed रबड़ी Nikalkar Mummy Ke मुहं , boobs Aur Pet Par Gir Rahi Thi ।

Fir Me Bahut हैरानी Se Dekh Rahi Thi Ki Papa Ka Lund Bahut Teji Se Safed Veery Ki Dhar Chhod Raha Tha । To Mummy Paas Pade Hue गाऊन Ko Uthane Ke Liye बड़ Rahi Thi Ki Tabhi Mummy ne Apne Dono Hathon Se Us रबड़ी Ko Lete Hue Apne मुहं Ke Hawaale Kar Diya । Maine Aisa नजारा Na Aaj Tak Dekha Tha Aur Na Hee Kabhi Aage Dekhne Ki Ummeed Thi । Fir Niche Ab Unki Chudai Khatm Ho Chuki Thi । Mummy Apne Sharir Ko Saaf Karne Ke Liye Toilet Chali Gayi Thi Aur Papa Nange bed Par Lete Hue Aaram Kar Rahe The Aur Maine Bhi Ab Wahan Se खिसकने Me Hee Bhalai Samjhi Aur Dabe Pair Apne Room Me Aa Gayi Aur Me Bahut थक Gayi Thi Isliye ज़ल्दी Hee Nangi Hee So Gayi ।

~~~ Samapt ~~~

दोस्तो , Kaise Lagi Ye Kahani Aapko ,

Kahani Padne Ke Baad Apna Vichar ज़रुरू दीजिएगा ...

Apke Jawab Ke इंतेज़ार Me ...

Apka Apna

रविराम69 (C) "लॅंडधारी "(मस्तराम - Musafir)

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